गुरुवार से शारदीय नवरात्र 2017 शुरू हो रहे हैं और लोग पूरी तैयारियों के साथ देवी मां के सभी 9 स्वरूपों की पूजा की तैयारियों में जुट गए हैं, लेकिन किस दिन कौन सी देवी की पूजा करनी है और किस तरह से करनी है, ये बहुत ही कम लोग जानते हैं। वैसे तो देवी मां व्रत रखने वाले और पूजा करने वाले सभी लोगों पर अपनी कृपा बनाती ही हैं, लेकिन अगर सभी लोग ये जान जाएं कि किस दिन देवी के कौन से स्वरूप की पूजा करनी है और किस विधान से करनी है, तो उनको मिलने वाला फल दोगुना हो जाएगा। आज हम आपको बताएंगे कि नवरात्र के पहले दिन कौन सी देवी की पूजा होती है और ये किस तरह करनी चाहिए।

 

शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। माना जाता है कि देवी के इस रूप का नाम शैलपुत्री इसलिए पड़ा क्योंकि उनका जन्म हिमालय के यहां हुआ था। मां शैलपुत्री को अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। अगर हमारे जीवन में स्थिरता और शक्ति की कमी है तो मां शैलपुत्री की पूजा अवश्य करनी चाहिए। महिलाओं के लिए तो मां शैलपुत्री की पूजा काफी शुभ मानी गई है।

पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है। सबसे पहले जिस जगह पूजा की जानी है उस जगह को पहले साफ करें और उस लकड़ी के एक पाटे पर मां शैलपुत्री की तस्वीर रखें। उसे शुद्ध जल से साफ करें। कलश स्थापना के लिए एक लकड़ी के पाटे पर लाल कपड़ा बिछाएं। उसके बाद हाथ में कुछ चावल लेकर भगवान गणेश का ध्यान करते हुए पाटे पर रख दें। अब जिस कलश को स्थापित करना है उसमें शुद्ध जल भरें, आम के पत्ते लगाएं और पानी वाला नारियल उस कलश पर रखें। इसके बाद उस कलश पर रोली से स्वास्तिक का निशान बनाएं। अब उस कलश को स्थापित कर दें। नारियल पर कलावा और चुनरी भी बांधें।अब एक तरफ एक हिस्से में मिट्टी फैलाएं और उस मिट्टी में जौं डाल दें।

अब मां शैलपुत्री को कुमकुम लगाएं। चुनरी उढ़ाएं और घी का दीपक जलाए। अज्ञारी में सुपारी, लोंग, घी, प्रसाद इत्यादि का भोग लगाएं। इसके बाद व्रत का संकल्प लें और मां शैलपुत्री की कथा पढ़ें। साथ ही मां शैलपुत्री के मंत्र का उच्चारण भी करें।

उनका ध्यान लगाने के लिए इस मंत्र का जाप करें : वन्दे वांछित लाभाय चन्द्राद्र्वकृतशेखराम्। वृषारूढ़ा शूलधरां यशस्विनीम्॥

मां शैलपुत्री को घी का भोग लगाएं और पहले दिन का ही दान करें। ऐसा करने से रोगी का ना सिर्फ कष्टों से मुक्ति मिलती है बल्कि उसका शरीर निरोगी रहता है।

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