प्रधुम्न मर्डर केस में हुआ नया खुलासा, अब तक कि जांच को देखते हुए बताया जा रहा था कि प्रधुम्न के साथ यौन शोषण करने के बाद किया गया था कत्ल, जिसके लिए स्कूल के बस कन्डक्टर को गिरफतार किया गया था।देश मे इस घटना से आक्रोश है, लोगो को अपने बच्चो को स्कूल भेजने में लग रहा है डर।

इसी बीच आज डॉक्टरों ने प्रदुम्न की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट जारी की है।इस रिपोर्ट के अनुसार नही हुआ था प्रदुम्न के साथ यौन शोषण, बल्कि उसकी गले की वो नली काट दी गयी थी जिससे आवाज निकलती है , इसी वजह से प्रदुम्न बोल नही पाया था।
इस तरह की घटनाओं से हमे एक सीख लेनी चाहिए, आजकल के व्यस्त समय हम अपने बच्चो को स्कूल और बेबी केअर जैसे लोगो के हाथ बिल्कुक निश्चिंत होकर छोड़ देते है। जिससे बच्चो को अगर कोई दिक्कत भी हो तो वो अपने माता पिता को नही बता पाते।

हमारा देश के सभी माता पिताओं से अपील है कि छोटे बच्चो पर ज्यादा ध्यान दे और लगातार बात करते रहे। गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के मासूम प्रद्युम्न की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। रेयान स्कूल में यह दूसरा हादसा है जब किसी बच्चे की जान गई है। घटना से परेशान इसी स्कूल की एक छात्रा इतिशा नागर ने स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ एक खुला खत लिखा है।

वर्तमान में इतिशा एक साइकोलॉजिस्ट हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के कमला नेहरु कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। अपने खत में इतिशा लिखती है कि उन्होंने स्कूल में 13 सालों तक पढ़ाई की है, स्कूल से उनकी कई अच्छी यादें जुड़ी हैं। वह स्कूल के अभी भी कई शिक्षकों साथ टच में हैं।
इतिशा लिखती है कि कितना शर्मनाक है कि आपके स्कूल में ही बच्चे की जान चली जाती है। और स्कूल के सीईओ रायन पिंटो कहते हैं कि इस मामले में वह खुद भी शिकार हुए हैं। जब स्कूल में पहली बार एक बच्चे की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत होती है तो प्रिंसिपल बच्चे पर दोष मढ़ती हैं कि वह एक्टिव ज्यादा था।

इतिशा ने लिखा इंटरनेशनल स्कूलिंग हमसे पैसे के साथ-साथ जान भी लेने लगी है, लेकिन क्या हमें उच्चस्तर का ज्ञान मिलता है।

स्कूल में चलती है तानाशाही

इतिशा ने लिखा कि स्कूल में हिटलर गिरी चलती है। शिक्षकों और छात्रों को वहीं सोचने और समझने का दबाव डाला जाता था जो स्कूल मैनेजमेंट चाहता है। इतिशा लिखती हैं, “मुझे याद मुझे सिखाया जाता था कि चेयरमैन से क्या कहना है। वो सिखाते थे ‘हम आपसे प्यार करते हैं, आप बेस्ट हैं, हमें इससे बेहतर कुछ नहीं मिल सकता था।’ मुझे यह बात समझने में कई साल लग गए कि रेयान के मालिक चापलूसों को पसंद करते हैं जबकि व्यक्तिगत विचार रखने वाले व्यक्तियों को वो पसंद तक नहीं करते।

इतिशा ने खत में ये भी लिखा कि, स्कूल में एनुअल डे और स्पोर्ट्स डे बंद करवाकर हर साल थिएटर फेस्टिवल मनाया जाता था। इसमें हर छात्र को भाग लेना जरुरी होता था। फिर पढ़ाई कितनी ही प्रभावित क्यों न हो। इतिशा लिखती हैं, “इन थिएटर फेस्टिवल्स के जरिए रायन पिंटो बॉलीवुड में कदम रखना चाहती थे ताकि उन्हें फिल्मों में ब्रेक मिल जाए।”

एक विशेष धर्म पर डाला जाता था जोर

इतिशा ने यह भी लिखा कि स्कूल में ईसाई धर्म पर जोर दिया जाता था। उन्होंने लिखा- ‘एक दिन सभी क्लासरूम्स के बाहर लगे क्रिएटिविटी बोर्ड को हटाकर बाइबल के वर्सेस वाले बोर्ड्स लगवा दिए गए।’ इतिशा लिखती हैं कि उन्हें बाइबल के वर्स पढ़ना अच्छा लगता था लेकिन बच्चों से क्रिएटिविटी छीन ली गई। कुछ दिन बाद ही म्यूजिक रूम से सरस्वती की मूर्ति गायब हो गई।

खत में लिखा है कि दो साल पहले स्कूल मैनेजमेंट ने सभी टीचर्स और पैरेंट्स को एसएमएस भेजा और बीजेपी में शामिल होने की बात कही थी। स्कूल का कहना था कि यह आपकी मर्जी है,जबकि कुछ टीचर्स ने दावा किया था कि इसके लिए उनकी सैलरी भी रोक दी गई थी।

इसके पीछे की वजह थी मैडम ग्रेस पिंटो के राज्यसभा सीट की दावेदारी को मजबूत करना। उन्होंने कहा कि ये बात बेहद कम लोग जानते हैं कि स्कूल के कई जिम्मदेार प्रिंसिपल्स ने बिना किसी खास कारण के ही इस्तीफे दे दिए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *