चीन में हवा में लटकती और पटरी पर दौड़ती स्काई ट्रेन का पहला सफल परीक्षण किया गया, ट्रेन ने अपना पहली यात्रा 60 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से जब कि एक समय में 124 लोगों के बैठने की क्षमता होगी।ट्रेन बनाने वाली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन इस लिहाज से भी अद्वितीय है कि इसमें लिथियम बेटरीज़ का इस्तेमाल किया गया है, लिथियम बैटरी के उपयोग की वजह से यह ट्रेन विद्युत और डीजल से चलने वाली ट्रेन की तुलना में न केवल अधिक बेहतर प्रदर्शन दिखा सकती है बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है। अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन को कुछ परीक्षण ड्राइविंग के बाद जनता के लिए खोला जाए।

चीन की सबसे नई तकनीक वाली और सबसे तेज ट्रेन परीक्षण किया गया। हवा में झूलती इस ट्रेन का नजारा शांनदोंग प्रांत के क़¨गदाओ शहर के लोगों के लिए आम हो चुका है। चाइनान्यूज डॉट कॉम ने यह रिपोर्ट दी है। इस मोनोरेल को चीन की सबसे तेज रेलवे लाइन माना जा रहा है। यह पहले ही रिकार्ड तोड़ चुकी है। हालांकि अभी यह परीक्षण के चरण में है।

 

जिस ऊंचाई पर यह बनी है उसको देखते हुए इस पर चलने वाली ट्रेन को स्काईट्रेन नाम दिया गया है। इंजीनियरों के अनुसार, यह सामान्य मेट्रो ट्रेनों से लगभग तीन गुना बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। यह 1000 मीटर की दूरी पर 100 मीटर के चढ़ाई या ढलान पर चढ़-उतर सकती है। इसे हल्का बनाया गया है। साथ ही इसे कम लागत वाली यातायात प्रणाली के बतौर विकसित किया गया है। चीन, जर्मनी और जापान के बाद दुनिया का तीसरा देश है जहां इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी रेलवे लाइन जमीन से पांच मीटर की ऊंचाई पर बनी है। जर्मनी के वुपर्टल शहर में बिजली से चलने वाली रेलवे प्रणाली 1901 में शुरू हुई थी, जो आज भी जारी है।

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