सावधान! भूलकर भी पत्नी के साथ इस दिन ना बनाएं शारीरिक संबंध…नहीं तो आपके घर जन्म लेगा किन्नर

NEW DE।HI: हिन्दू शास्त्रों में इंसानों से जुडे कई रहस्य हैं। जन्म से लेकर मृत्यु तक हर प्रकार का उल्लेख हिन्दू ग्रंथों में पाया जाता है। साइंस ने भले ही वर्षों के बाद जन्म और मृत्यु के रहस्यों को लोगों तक पहुंचाया है,

सेक्स ऐसी प्रक्रिया है जिसका नाम सुनते ही दुनिया में सभी के दिमाग में खुराफाती कीड़ा जग जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी होता है कि अगर आप उस समय सेक्स करेंगे तो आपको किन्नर पैदा होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसा हम खुद नहीं बोल रहे बल्कि हिन्दू धर्म से जुड़े कुछ उपनिषदों में ऐसा लिखा हुआ है।

जी हाँ हिन्दू धर्म के अनुसार गर्भ उपनिषद में स्त्री-पुरुष के संबंध बनाने से लेकर किस प्रकार से मां के गर्भ में शिशु का जन्म होता है, कैसे वह समय के साथ विकसित होता है और गर्भ के भीतर 9 महीने तक वह क्या सोचता है, इसके बारे में बताया गया है। 

आज हम आपको ‘गर्भ संस्कार’ में दिए गए कुछ निर्देशों के बारे में बताएंगे। ये ऐसे निर्देश हैं जो बताते हैं कि पति-पत्नी को किस दिन शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। आपको बता दें कि महान ग्रंथ गर्भ उपनिषद में यहां तक बताया गया है कि किस प्रकार शारीरिक संबंध बनाने से एक किन्नर की उत्पत्ति होती है। किन हालातों में मां के गर्भ से एक किन्नर का जन्म होता है, इस बात के रहस्य को गर्भ उपनिषद में उजागर किया गया है।

आज हम आपको बतायेगे कि यदि पति-पत्नी संतान प्राप्ति के लिए संभोग कर रहे हैं, तो उन्हें किन दिनों एक-दूसरे से दूर रहते हुए सेक्स करने से परहेज करना चाहिए, इसके बारे में गर्भ संस्कार में पूरी जानकारी विस्तार में प्रदान की गई है। 

इतना ही नहीं गर्भ संस्कार के अनुसार जहां शुभ दिन पर एक स्त्री यदि गर्भधारण करे, तो आने वाली संतान भी मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ एवं गुणी होती है तो वहीं अशुभ दिनों पर अगर कोई गर्भधारण करने से सभी अशुभ ग्रहों का असर होने वाली संतान पर होता है और फिर पैदा होने के बाद ऐसी संतान एक के बाद एक परेशानियां खड़ी करती है।
तो चलिए आपको सबसे पहले बताते हैं कि अगर पति-पत्नी संतान प्राप्ति के लिए एक-दूसरे के साथ संबंध बनाने की सोच रहे हैं, तो वे कौन से दिन हैं जिस दिन उन्हें यह विचार मन से बिलकुल निकाल देना चाहिए। इन दिनों का स्वामी होता है मंगल, और मंगल अत्यंत क्रोधी एवं विनाशकारी ग्रह माना जाता है। इसलिए शास्त्रों के अनुसार इस दिन कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है।

गर्भ संस्कार के अनुसार मंगलवार का दिन गर्भधारण के लिए बेहद अशुभ है। यदि इस दिन स्त्री गर्भधारण कर ले, तो होने वाली संतान बेहद क्रोधी और घमंडी होती है। मंगल ग्रह के प्रभाव में जन्मे बच्चे किसी की बात नहीं सुनते, केवल अपने मन मुताबिक कार्य करते हैं, इन बच्चों के स्वभाव में ही हिंसा होती है जिसके चलते ये सभी को परेशान भी करते है।
आपको बता दें कि शनिवार का दिन, शनि ग्रह को समर्पित होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह, क्रूर एवं पापी ग्रह की श्रेणी में आता है। इसलिए इस दिन पति-पत्नी का संतान उत्पत्ति के विचार से सेक्स करना अशुभ माना गया है। 

इसी के साथ ये भी माना जाता है कि शनि ग्रह के प्रभाव से होने वाली संतान अत्यंत निराशावादी एवं नकारात्मक सोच वाली होती है। शनि ग्रह कई बार ऐसे बच्चों को ताउम्र रोग भी प्रदान करता है।
जहां शनिवार, रविवार का दिन होता है संतान प्राप्ति के लिए अशुभ तो वहीं  हफ्ते के 4 दिन होते हैं गर्भ धारण करने के लिए शुभ गर्भ संस्कार के अनुसार रविवार के दिन को पूर्ण रूप से भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित माना गया है और ऐसे शुभ दिन पर पति-पत्नी का सेक्स करना ‘पाप’ कहलाता है।

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