You are here
Home > रोचक पोस्ट > घर में भूल कर भी न जलाये अगरबत्ती नहीं तो हो जायेगा कुल का नाश
loading...
loading...

घर में भूल कर भी न जलाये अगरबत्ती नहीं तो हो जायेगा कुल का नाश

हमारे हिन्दू धर्म में शास्त्रों में बांस की लकड़ी को जलाना मना है फिर भी लोग अगरबत्ती जलाते हैं जो की बांश की बनी होती है |अगरबत्ती जलाने से पित्र्दोश लगता है ,शास्त्रों में कही भी अगरबत्ती का उल्लेख नहीं मिलता है|सभी जगह धुप ही लिखा हुआ मिलता है ,अगरबत्ती तो केमिकल से बनायीं जाती है ,भला केमिकल या बांश जलाने से भगवान खुश कैसे होंगे |

अगरबत्ती जलाना बंद करे सब पंडित लोग —पूजा सामग्री में जब पंडित जजमान को अगरबत्ती लिख कर देंगे ही नहीं तो जलाने का सवाल ही नहीं होता है | इस सत्य से लोगो को अवगत कराये ,आजकल लोगों को पित्र्दोश बहुत होते हैं इसका एक कारण अगरबत्ती का जलाना भी है |

 

 

अगरबत्ती  को जला कर पूजा करवाना और इसका फल न मिलना ये सब एक साजिश के तहत यवनों   ने बहुत   सालो पहले शुरू करवाया जो आज पूजा   में परंपरा का   रूप ले चूका है |
जिस समय यवनों ने हिंदुस्तान पर आक्रमण किया तो उन्नोंहे देखा कि हिन्दू सैनिक युद्ध से पहले पूजा पाठ करते थे ,जिसमे धुप दीप जलाकर अपने ईस्ट देव को प्रस्सन करते थे और उन पर टूट पड़ते थे,  यवनों को हार का सामना     करना पड़ता था |

 

यह सब देखकर औरंगजेब जैसे राजाओ ने हमारे पूजा स्थलों को तोडना शुरू किया ताकि हिन्दुओ को आपने इस्ट देव से शक्ति प्राप्त न हो सके और उनकी युद्ध में हार हो जाये | मंदिर तोड़े जाने से हिन्दू सेना भड़क उठती और अपनी पूरी ताकत लगा यवनों को हरा देती |यह देखकर यवन सेना के बुद्दिजीव लोगो ने सोचा की हिन्दुओ के भगवान बहुत शक्तिशाली हैं ,पूजा पाठ करने से हिन्दुओ को शक्तिया प्रदान कर देते हैं जिस कारण हमारी सेना पराजित हो जाती है |इसके बाद उनोंहे हमारे धर्म ग्रंथो का अध्यन किया तब शास्त्रों में पाया की हिन्दू धर्म में बांश जलाना वर्जित है |यवनों कोएक समम्स्या का और सामना करना पड़ रहा था ,   युद्ध में उनके हजारो सैनिक   मारे जा रहे थे उन्हें एक   साथ  दफ़नाने में भूमि पर बहुत बदबू   हो जाती थी | तब यवनों ने बांश पर वातावरण सुद्ध करने वाली हमारी हवन सामग्री लपेटकर अगरबत्ती बनायीं और उसे कब्र पर जलाने से बदबू बंद हो गयी |यवनों ने हमारे भोले भाले सैनिको को अगरबत्ती दिखा कर समझाया की  देखो तुम्हारे भगवान सुगन्धित धुप दिखा कर प्रशन्न होते हैं ,ये अगरबत्ती जलाया करो कितनी अच्छी सुगंध आती है |
अगरबत्ती बांश की लकड़ी पर बनी होने के कारण हमारे सैनिको की पूजा खंडित होने लगी और उन्हें कब्र पर जलाने से छुटकारा मिला | यही से अगरबत्ती का चलन शुरू हो गया |
पुराने लोग कहते आयें है की बांश को जलाने से वंश जलता है अब बांश के जलाने से वंश के जलने का क्या सम्बन्ध ,हमारे शास्त्रों में जो भी महह्त्व्पूर्ण बाते कही है उसके पीछे अवश्य ही कोई न कोई वैज्ञानिक कारण जुड़ा हुआ है |

Leave a Reply

loading...
Top
loading...